
यह जन्मदिन और भी विशेष था क्योंकि यह के.के. सर की 75वीं जयंती थी। इस भावपूर्ण अवसर पर हमने सुश्री अनन्या गौर को आमंत्रित किया, जिनकी मधुर आवाज़ में एक अलग ही जादू है।
मांडवी मंच और लखनऊ बायोस्कोप के सहयोग से हमने के.के. सर का जन्मदिन उनकी सबसे प्रिय गायिका बेगम अख्तर के गीतों के माध्यम से मनाया, जिन्हें सुश्री अनन्या गौर ने बेहद खूबसूरती और आत्मीयता से प्रस्तुत किया।
इस वर्ष हमने इस वार्षिक आयोजन को नया नाम दिया स्वरांजलि और इसे अयोध्या की जनता के लिए समर्पित किया, ठीक वैसे ही जैसे के.के. सर को पसंद था अपनी पसंद को दुनिया के साथ साझा करना।
के.के. सर हमारे दिलों में हमेशा रहेंगे के.के. का नाम पैका से अलग नहीं किया जा सकता।