
जब तापमान 45 डिग्री छू रहा हो, तो सावधानी ही सबसे बड़ी दवा है।
इन दिनों चिलचिलाती गर्मी का मौसम अपने चरम पर है। दिन का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है और ऐसे में हमारे शरीर पर इसका गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। थकान, चक्कर, उल्टी और यहाँ तक कि बेहोशी जैसी समस्याएं इस मौसम में आम हो जाती हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम अपनी दिनचर्या में कुछ आवश्यक बदलाव करें और खुद को सुरक्षित रखें।
खूब पानी पिएं, हाइड्रेट रहें
गर्मी में शरीर से पसीने के ज़रिए पानी तेज़ी से निकलता है। इसलिए दिनभर खूब पानी पिएं और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें कार्यस्थल पर भी समय-समय पर पानी, नींबू पानी या अन्य तरल पेय पदार्थ लेते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
खान-पान का रखें विशेष ध्यान
इस मौसम में ताज़े फल और सब्जियों को अपने भोजन में शामिल करें। मसालेदार और तले-भुने खाने से परहेज़ करें और सादा भोजन खाएं। सुबह का रखा हुआ खाना शाम को खाने से बचें क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है।
त्वचा और शरीर को धूप से बचाएं
बिना सुरक्षा के अधिक देर तक धूप में न रहें। हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें जो शरीर को ठंडा रखें। बाहर निकलते समय सिर को ढकें और सनस्क्रीन का उपयोग करें ताकि त्वचा सूरज की तेज़ किरणों से सुरक्षित रहे।
इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें
अगर आपको या आपके किसी साथी को गर्मी के कारण उल्टी, दस्त, चक्कर या बेहोशी की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, इन लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
इस गर्मी में सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अपनों का भी ख्याल रखें।