सततता के भ्रम टूटे 

Good Garbage Podcast

मई, 2026 |

गुड गार्बेज पॉडकास्ट के हालिया दो एपिसोड्स ने सततता को लेकर हमारी सोच को एक नई दिशा दी है और यह स्पष्ट किया है कि यह विषय इतना सरल नहीं है।

पहले हमारी बातचीत सन्दीप कुलकर्णी जी से हुई, जो कूल अर्थ सॉल्यूशन्स के संस्थापक हैं। उन्होंने अपने वैश्विक अनुभव के आधार पर बताया कि पैकेजिंग में असली चुनौती सही सामग्री चुनने की नहीं, बल्कि सही संदर्भ में सही निर्णय लेने की है। कागज, प्लास्टिक या कांच, हर एक के अपने फायदे और सीमाएं हैं।

वहीं वैभव आनंद, जो बैम्ब्रू के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, उन्होंने भारत में सतत समाधान बनाने की जमीनी हकीकत साझा की। उन्होंने बताया कि बायोडिग्रेडेबल और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बड़े स्तर पर लागू करना लागत, प्रदर्शन और व्यवस्थाओं के संतुलन पर निर्भर करता है।

जहां संदीप एक वैश्विक और विज्ञान आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं, वहीं वैभव भारत में जमीनी स्तर पर समाधान विकसित करने की वास्तविकता साझा करते हैं। दोनों मिलकर पैकेजिंग की वर्तमान स्थिति का एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

यदि आपको लगता है कि सततता केवल सामग्री बदलने तक सीमित है, तो यह आपकी सोच को निश्चित रूप से बदल सकता है।

0 0 votes
Article Rating
guest

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Back to top button
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x