
पैका में निरंतर सीखने की संस्कृति भविष्य के लिए सक्षम टीमों के निर्माण की आधारशिला है। इसी दिशा में आयोजित एक प्रेरक नेतृत्व सत्र में टाइटन के पूर्व एचआर प्रमुख श्री एस. दीनदयालन ने विश्वास, स्वामित्व और उद्देश्य पर आधारित संगठन बनाने के अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने अपने अनुभवों तथा Made in India – A Titan Story की प्रेरक यात्रा के माध्यम से बताया कि महान संगठन केवल व्यावसायिक रणनीतियों से नहीं, बल्कि लोगों को सशक्त बनाकर
बनाए जाते हैं।
पूरे सत्र का सबसे प्रभावशाली संदेश था—
“नेतृत्व का अर्थ लोगों को प्रबंधित करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वयं का प्रबंधन करने योग्य बनाना है।”
सत्र की प्रमुख सीख
- लोग, प्रक्रियाएँ और प्रणालियाँ हमेशा एक-दूसरे के अनुरूप हों।
- सच बोलने वालों को प्रोत्साहित करें।
- अग्रिम पंक्ति (Frontline) की टीम पर विश्वास करें, क्योंकि वही कार्य को सबसे बेहतर समझती है।
- ऐसी सामाजिक-तकनीकी (Socio-Technical) प्रणाली विकसित करें, जहाँ लोग और तकनीक साथ मिलकर आगे बढ़ें।
- कौशल ही वास्तविक शक्ति है, और यह शक्ति टीमों के पास होनी चाहिए।
- जॉब रोटेशन से बहुआयामी कौशल, गुणवत्ता की जिम्मेदारी और भविष्य के नेतृत्व का विकास होता है।
- STAR Model, Snake & Ladder Concept और Gut Quotient (GQ) ने यह समझाया कि साहस, अंतर्ज्ञान और स्वामित्व की भावना कई बार पद से अधिक महत्वपूर्ण होती है।
- निष्ठा का अर्थ हमेशा सहमति नहीं होता। श्रेष्ठ निर्णय पदानुक्रम नहीं, बल्कि तथ्यों और जानकारी के आधार पर लिए जाते हैं।
यह सत्र पैका के स्व-प्रबंधित टीमों (Self-Managed Teams) के विज़न को और मजबूत करता है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति पर विश्वास किया जाता है, उसे सशक्त बनाया जाता है और जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया जाता है।
पैका, श्री एस. दीनदयालन का उनके अमूल्य अनुभवों और प्रेरणादायी नेतृत्व विचारों को साझा करने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त
करता है।