पैका में जल संरक्षण केवल एक पहल नहीं, बल्कि निरंतर सुधार और नवाचार की संस्कृति का हिस्सा है। हमारी विभिन्न इकाइयों में ऐसे कई प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य ताज़े पानी की खपत कम करना, प्रक्रिया में उपयोग किए गए पानी का पुनः उपयोग करना और जल संसाधनों का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित करना है।
इन पहलों के तहत पीएम-1 में बैकवॉटर का पुनः उपयोग, पीएम-2 के एमपीएस ड्रेन के पानी की रिकवरी, कूलिंग वॉटर का पुनः उपयोग, पीएम-3 में एलम तैयारी के लिए बैकवॉटर का उपयोग, तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, तीनों पेपर मशीनों से निकलने वाले रंगीन पानी का उपचार कर उसे पल्प डाइल्यूशन में दोबारा उपयोग करने की दिशा में भी काम हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 200–250 किलोलीटर पानी की बचत होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, पावर प्लांट में ताज़े पानी के स्थान पर उपचारित पानी का उपयोग, पंप सीलिंग वॉटर रिकवरी और अन्य तकनीकी सुधार भी जल संरक्षण को नई दिशा दे रहे हैं।
इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से हर वर्ष हज़ारों किलोलीटर पानी बचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल दर्शाती है कि छोटे-छोटे तकनीकी सुधार, टीमवर्क और काइज़ेन की सोच मिलकर न केवल परिचालन दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होते हैं। 💧🌿

