साथ और सुरक्षा हमारी साझा ज़िम्मेदारी
प्रिय साथियों,
आशीष की मृत्यु दिल दहला देने वाली घटना है। हम सबको आत्ममंथन करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में कोई साथी इस प्रकार के हादसे का शिकार न हो।
- हमें ऐसा संस्थान बनाना है जहाँ कोई भी अपनी समस्याएँ सामने लाने में समर्थ हो, और हर साथी को यह एहसास हो कि वह खुलकर अपनी बात रख सकता है।
- हमें लगातार एक-दूसरे का साथ देते रहना है और स्थिति को आत्महत्या तक पहुँचने से बहुत पहले ही पकड़ लेना है।
- अपने प्रांगण को ऐसा बनाना है कि चाहकर भी कोई स्वयं को या दूसरों को हानि न पहुँचा सके।
यह आत्ममंथन का समय है। हम सबको मिलकर सुधार लाना है और प्रण लेना है कि आगे ऐसा हादसा नहीं होने देंगे।
हर माह की तरह हम लगातार प्रगति कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट जागृति अब पूर्णता के कगार पर है। प्रोजेक्ट टीम पूरी लगन से कार्य कर रही है, ताकि शीघ्र ही हम PM4 चालू कर बाज़ार में नए प्रोडक्ट उपलब्ध करा सकें। इस माह रिकवरी और PP3 की शुरुआत होगी, और हम प्रयास करेंगे कि दिवाली से पहले नई मशीन से काग़ज़ की रील बना सकें। यूरोप में पायलट मशीन पर सुधीर जी प्रयोग कर रहे हैं, ताकि मशीन चालू करने से पहले हम अपने विक्रेताओं को नया प्रोडक्ट दे पाएँ और सही फ़ॉर्मूला व केमिस्ट्री स्थापित कर सकें।
हमें फ्लेक्सिबल पैकेजिंग की दिशा में कार्य करते रहना होगा और कोटिंग के फ़ॉर्मूले पर काम जारी रखना होगा, ताकि हम पैकेजिंग के क्षेत्र में सही मायने में परिवर्तन ला पाएँ। टीम इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
फ़ूड सर्विसेज़ अपना कार्य बढ़ा रहा है और आउटसोर्सिंग के माध्यम से उत्पादन में वृद्धि हो रही है। डिलीवरी प्रोडक्ट्स के विस्तार के लिए मशीनें ऑर्डर की जा रही हैं।
टीम को और मज़बूत बनाने में मैं समय दे रहा हूँ और आशा करता हूँ कि आप में से कई साथी और ज़िम्मेदारियाँ लेंगे। साथ ही, जहाँ-जहाँ कमियाँ हैं, वहाँ हम बाहर से भी खोज जारी रखे हुए हैं।
हमें लगातार साथ मिलकर संस्था को सक्षम बनाते जाना है, ताकि हम सब सुरक्षित महसूस करें और अपनी क्षमता से भी अधिक प्रगति कर सकें।
शुभकामनाओं सहित,
आपका,
वेद

