प्रिय साथियों,
चुनौतियां कई हैं परंतु हम सुनहरी संभावनाएं भी देख रहें हैं। दुनिया में हो रही उथल पुथल की वजह से हम अगर अमेरिका के लिए ग्वाटेमाला में जल्दी उत्पादन करते हैं तो हम अमेरिकी टैरिफ का लाभ उठा कर मार्केट में पकड़ बना सकते हैं। टीम ने इस दिशा में कार्य करना चालू किया है और रोलैंडो जी ने इस माह चीन का दौरा कर अलग अलग टेक्नोलॉजी समझने पर कार्य किया। हम अब कुछ निवेशकों से बात आगे बढ़ायेंगे कि कम से कम मोल्डेड फाइबर का प्लांट शीघ्र स्थापित कर पायें।
मैंने अपने PM४ के सप्लायर एलिमंड कंपनी से भी मुलाकात की और विचार किया कि कैसे हम समय से पूर्व मशीन चलाने में सक्षम हों पायें। उन्होंने पूर्ण आश्वासन दिया कि वह हमारा पूरा साथ देंगे और समय से सारी मशीनरी अयोध्या पहुँचे इस पर कार्यरत रहेंगे।
अयोध्या आने पर अलग अलग दिशाओं का ब्यौरा करने का मौका मिला और अपने सामने खास मसले कुछ इस प्रकार हैं:
- PM३ पर हमने जो बदलाव किए उसका फायदा प्राप्त नहीं हुआ। हमें बेलमर कंपनी या कोई और मशीन डिजाइन की समझ रखने वाली कंपनी के साथ कार्य कर समस्याओं का निवारण करना होगा।
- जागृति में फिर से जान आई है परंतु अब लग रहा है कि हम मई २०२६ तक प्रोजेक्ट को कार्यान्वित कर पायेंगे। इस कार्य के लिए अनिवार्य है कि वित्त समस्याएं और ना आयें।
- हमें प्रोडक्शन की गति बढ़ानी होगी। प्रोडक्ट रेशनलाइजेशन पर कार्य चल रहा है और हमें हर मशीन पर कम से कम प्रोडक्ट व ज्यादा से ज्यादा उत्पादकता पर जाना है।
- कंप्लेंट और क्वालिटी संबंधित चिंताएं जारी हैं और हमें इन पर लगातार केंद्रित रहना है जिससे की हम ग्राहक को उच्चतम उत्पाद प्रदान कर पाएं।
- यह आवश्यक है की ग्राहक की संतुष्टि के लिए हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर उनको सभी गतिविधियों से अवगत कराएं। इस दिशा पर कार्य की शुरुआत हुई है परंतु अपनी टीम की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है।
मैं आशा करता हूँ कि आने वाले वर्ष में गौरी-गणेश हमें ऐसे ही प्रेरित करते रहेंगे जिससे हम अपना तन-मन-धन सेवा पर लगा कर धरती को और स्वच्छता प्रदान करने में सफल हों।
शुभकामनाओं सहित,
आपका,
वेद

