Site icon पैका मैत्री

वर्ष के अंतिम तिमाही में हमारे लक्ष्य और रणनीति

प्रिय साथियों,

अक्टूबर माह की शुरुआत ग्वाटेमाला में हुई। मेरी माँ की इच्छा थी की इतना कुछ सुनने के उपरांत जा कर देखें की वहाँ क्या हो रहा है। उनको हमारी टीम के साथ समय बिताने का मौक़ा मिला और वहाँ की संस्कृति भी अनुभव की। मेरे लिए भी ब्यौरा करने का एक मौक़ा था। हमने टीम के साथ प्रोजेक्ट के बारे में और विचार किया व जल्दी शुरुआत करने की संभावनाओं पर कार्य किया।

चुनौतियां कई हैं परंतु हम सुनहरी संभावनाएं भी देख रहें हैं। दुनिया में हो रही उथल पुथल की वजह से हम अगर अमेरिका के लिए ग्वाटेमाला में जल्दी उत्पादन करते हैं तो हम अमेरिकी टैरिफ का लाभ उठा कर मार्केट में पकड़ बना सकते हैं। टीम ने इस दिशा में कार्य करना चालू किया है और रोलैंडो जी ने इस माह चीन का दौरा कर अलग अलग टेक्नोलॉजी समझने पर कार्य किया। हम अब कुछ निवेशकों से बात आगे बढ़ायेंगे कि कम से कम मोल्डेड फाइबर का प्लांट शीघ्र स्थापित कर पायें।

इसके उपरांत जर्मनी में अनुगा प्रदर्शनी का दौरा करने का मौका मिला। यह कोलोन नामक सुंदर शहर में होती है और खाद्य पदार्थों के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनियों में से एक है। हमारा उद्देश्य था की आने वाले बदलावों को समझे और आगे आने वाले समय के लिए दिशा और शुद्ध करें। हमें ज्ञात हुआ की बिना अपने स्टाल के रहने से संपर्क जोड़ना और व्यापार की बात करनी बहुत मुश्किल है परंतु कम से कम यह समझ में आया की स्वास्थ से संबंधित खाद्य पदार्थों के क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी और हमें इस क्षेत्र की कंपनियों के साथ कार्य करना चाहिए।

मैंने अपने PM४ के सप्लायर एलिमंड कंपनी से भी मुलाकात की और विचार किया कि कैसे हम समय से पूर्व मशीन चलाने में सक्षम हों पायें। उन्होंने पूर्ण आश्वासन दिया कि वह हमारा पूरा साथ देंगे और समय से सारी मशीनरी अयोध्या पहुँचे इस पर कार्यरत रहेंगे।

भारत लौटने पर मैं सीधे चक टीम के साथ इकोनॉमिक टाइम्स के एक समारोह पर गया और शुभम् जी का संवाद सुना। इस समारोह में अनेक अच्छे स्तर पर कार्य कर रहे रेस्टोरेंट मालिक उपस्थित थे और टीम ने संपर्क बनाया व आने वाले समय के लिए कार्य की दिशा पकड़ी। टीम के साथ ब्यौरा करने का मौका मिला और आशा जागी की इस व्यापार में हम कुछ बदलाव ला सकते हैं।

अयोध्या आने पर अलग अलग दिशाओं का ब्यौरा करने का मौका मिला और अपने सामने खास मसले कुछ इस प्रकार हैं:

आपके साथ दिवाली पर रहने का अहसास और है। इस पर्व पर पूर्णतः व्यस्तता रही। कई साथियों के घर जाने का मौका मिला। जिले के सभी व प्रदेश के कुछ पदाधिकारियों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। फैक्ट्री में पूजा व अन्य कार्यक्रम संपन्न हुए और फार्म पर भी कुछ साथियों के साथ समय मिला।

मैं आशा करता हूँ कि आने वाले वर्ष में गौरी-गणेश हमें ऐसे ही प्रेरित करते रहेंगे जिससे हम अपना तन-मन-धन सेवा पर लगा कर धरती को और स्वच्छता प्रदान करने में सफल हों।

शुभकामनाओं सहित,
आपका,
वेद

Exit mobile version