मैंने पैका से 16 अगस्त 2011 को अपनी यात्रा शुरू की थी। जो सफर एक नए अनुभव के रूप में शुरू हुआ, वह धीरे-धीरे मेरी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन गया। पैका मेरे लिए सिर्फ़ कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार रहा, जिसने मुझे सिखाया, संभाला और आगे बढ़ने का विश्वास दिया।
मेरी टीम और उन सभी साथियों का मैं दिल से धन्यवाद करती हूँ, जिन्होंने हर समय सहयोग और अपनापन दिया। यहाँ मिले सम्मान और स्नेह को मैं हमेशा अपने साथ लेकर चलूँगी।
अब जीवन के नए पड़ाव की ओर बढ़ते हुए, मैं अपने साथ पैका की दी हुई सीख और यादें लेकर जा रही हूँ।
धन्यवाद पैका, मेरी यात्रा का इतना सुंदर हिस्सा बनने के लिए।

