Site icon पैका मैत्री

जब कला, कृषि और कम्पोस्टिंग एक साथ आती हैं, तो क्या होता है?

दिसंबर के गुड गार्बेज पॉडकास्ट में तीन प्रभावशाली आवाज़ें एक साथ आईं, जिन्होंने सस्टेनेबिलिटी और कचरे से जुड़े मुद्दों पर ज़मीनी और वास्तविक नज़रिया साझा किया। 

बेंजामिन वॉन वॉन्ग ने इन्फ्लुएंसर से इम्पैक्ट
आर्टिस्ट बनने तक का अपना
सफ़र साझा किया और बताया कि विज़ुअल व डिजिटल आर्ट किस तरह सस्टेनेबिलिटी और वैश्विक वेस्ट क्राइसिस पर बातचीत शुरू कर सकती है। उनकी फ़ोटोग्राफ़ी जागरूकता और बदलाव का एक मज़बूत माध्यम बनकर सामने आई।
 

अवंतिका सराओगी ने सस्टेनेबिलिटी की ओर अपने निजी सफ़र की बात की, जो
पारिवारिक मूल्यों और ज़मीनी अनुभवों से
प्रेरित रहा है।
शुगर मिल के संचालन से लेकर किसानों के साथ काम करने और PLA समाधानों तक, उन्होंने इंडस्ट्री में बदलाव लाने की चुनौतियों को खुलकर साझा किया। 

 

सैमी डेविस ने चर्चा को प्रकृति से जोड़ा हर्बलिज़्म, आयुर्वेदिक ज्ञान, कम्पोस्टिंग और EcoSafe के कम्पोस्टेबल बिन लाइनर्स जैसे व्यावहारिक समाधानों पर बात की, साथ ही कम्पोस्टेबल और रीसाइक्लिंग की सीमाओं पर भी रोशनी डाली। 

 

 

 

गुड गार्बेज पॉडकास्ट को YouTube, Apple iTunes और Spotify पर सुनें और बदलाव लाने वाली आवाज़ों से सीधे जुड़ें। 

Exit mobile version